सहीफ़ायदा संपादकीय गाइड
छोटी EMI या कम कुल खर्च? दो कोटेशन की तुलना करें
महीने की किस्त बताती है कि हर महीने कितना देना है। इससे पूरी खरीद का खर्च नहीं पता चलता। दोनों कोटेशन एक ही खरीद और समान सुविधाओं के हों, तभी उनके आँकड़े समझकर तुलना करें।
वास्तव में दिए जाने वाले भुगतान जोड़ें
इस सरल तुलना में डाउन पेमेंट, सभी तय EMI और अलग से देने वाले अनिवार्य शुल्क जोड़ें। EMI में पहले से जुड़ा शुल्क दोबारा न जोड़ें। आखिरी बड़ी किस्त, बीमा या कोटेशन से छूटी ज़रूरी रकम अलग से जाँचें।
उदाहरण: छोटी EMI का कुल भुगतान बड़ा है
कोटेशन A में ₹30,000 डाउन पेमेंट, ₹3,400 की 24 किस्तें और ₹2,000 अलग शुल्क हैं। कुल ₹1,13,600 होता है। कोटेशन B में उतना ही डाउन पेमेंट, ₹2,500 की 36 किस्तें और ₹1,000 शुल्क हैं। कुल ₹1,21,000 है। B की किस्त छोटी है, लेकिन दर्ज कुल भुगतान ₹7,400 अधिक है। ये काल्पनिक उदाहरण हैं, ऑफ़र नहीं।
एक जैसी चीज़ों की तुलना करें
उत्पाद का मॉडल, टैक्स, बीमा, वारंटी, सामान, छूट और डिलीवरी शुल्क जाँचें। नकद छूट को शर्तों पर मिलने वाले रिवॉर्ड से अलग रखें। “नो-कॉस्ट EMI” लिखे होने पर भी कोटेशन और शुल्क पढ़ना ज़रूरी है।
कम कुल खर्च से पूरा फ़ैसला नहीं होता
यह टूल आपकी व्यक्तिगत वहनीयता, APR, लोन की मंज़ूरी या उपयुक्तता तय नहीं करता। कम कुल भुगतान वाली किस्त भी महीने के बजट में मुश्किल हो सकती है। ज़रूरी खर्च, मौजूदा भुगतान और अनियमित बिल देखें। स्वीकार करने से पहले लिखित शर्तें और अस्पष्ट शुल्क ऋणदाता से जाँचें।
आम सवाल
क्या छोटी EMI हमेशा सस्ती खरीद होती है?
नहीं। ज़्यादा किस्तों या अलग शुल्क से कुल भुगतान बढ़ सकता है। पूरा शेड्यूल और समान सुविधाएँ देखें।
क्या यह लोन की APR निकालता है?
नहीं। यह दर्ज रकम जोड़ता है। भुगतान की तारीख, ब्याज की प्रक्रिया और सभी उधार लागत का मॉडल नहीं बनाता।
तरीका और संदर्भ
गणना के उदाहरण सहीफ़ायदा के स्वयं के उदाहरण हैं। यह पेज किसी ऑफ़र की पात्रता या वर्तमान ब्याज दर नहीं बताता।